अनिद्रा रोग का इलाज

अनिद्रा की समस्या 



भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण कुछ लोग अनिद्रा की समस्या के शिकार हो जाते है। इस समस्या के होने पर दिनभर सिर भारी रहना , उबासियाँ आना , किसी भी काम में मन न लगना आदि परेशानियों से व्यक्ति घिर जाता है।  कुछ लोग अनिद्रा की समस्या को दूर करने के लिए नींद की गोलियां भी लेना शुरू कर देते हैं जिसकी एक तरह आदत पड़ जाती है और बाद में इसका असर ख़तम होने लगता है।  निस्के अलावा नींद की गोली खाने से और भी कई तरह के साइड इफेक्ट्स होते हैं। 







निद्रा शरीर की सबसे प्रधान आवश्यकता है , नींद आने और इसके पूरा होने पर ही शरीर का हर कार्य सुनियंत्रित होता है , आज के समय में मनुष्य ने बहुत ज्यादा तकनिकी और प्रगति की है लेकिन उसके बदले में  गवांकर बहुत बड़ी कीमत भी चुकाई है।  आज के समय में इंसान का जीवन सीमेंट से बनी दीवारों में घिर कर रह जाता है प्राकृतिक चीजों जैसे धूप , शुद्ध पानी , शुद्ध हवा के लिए बस तरस कर ही रह जाता है आजकल के लोगों का जीवन। आजकल के व्यस्त जीवन की बदौलत मनुष्यों को पक्षियों की चहक तक नहीं सुनाई देती बल्कि गाड़ियों के हॉर्न , पेट्रोल का धुआं , रात देर तक जागना , बस यही आजकल के मनुष्यों की किस्मत में रह गया है जिसको बदल पाना बहुत ही मुश्किल है। 

प्रकृति से इतना दूर होने के कारण उसका प्रभाव सीधे मनुष्य की नींद पर पड़ता है इसके अलावा असमय भोजन करना और दिनभर के कामों का असर भी मनुष्य की नींद पर पड़ता  है ये मुख्यता देखने को मिलता है। 

संसार में हर मनुष्य का जीवन जीने का तरीका अलग होता है , वैसे ही हर मनुष्य की नींद की आवश्यकता भी अलग अलग होती है , कुछ लोग 6 घंटे की नींद से तरोताजा हो जाते है और कुछ लोगों में यह आवयश्कता 10 से 12 घंटे तक भी होती है। अगर देखा जाये तो किसी भी मनुष्य को नींद पूरी करने के लिए 6 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त होती है अगर वो निद्रा रात के समय में ली जाये तो। आजकल की व्यस्तता की वजह से लोग दिन में निद्रा लेते है और रात में काम करते है , जो प्रकृति के नियम के विरुद्ध है। 

निद्रा न पूरी होने के कारण काम करते वक्त शरीर में आलस बढ़ जाता है जिसका असर दिल, मस्तिष्क और शरीर से अन्य कई हिस्सों पर पड़ता है जिससे अनेक बीमारियां मनुस्य को घेर लेती है। 

अनिद्रा के मुख्य कारण 

वैसे तो अनिद्रा के बहुत सारे कारण होते है लेकिन मुख्य कारण शरीर में किसी भी प्रकार का दर्द होना , मानसिक परेशानी का होना , अधिक परिश्रम करना , ज्यादा तनाव होना, असमय या अनियमित खान पान , कब्ज होना और रात में जागना इन सब कारणों की वजह से अनिद्रा बढ़ जाती है। 


शरीर में वात का संतुलन बिगड़ जाने की वजह से भी अनिद्रा की समस्या उत्पन्न होती है।  असमय भोजन , गलत खान पान और अनियमित जीवनचर्या के कारण वात और पित्त का का प्रकोप निद्रा  प्रभावित करता है। अत्यधिक चाय और कॉफ़ी पीने से भी वात अनियंत्रित हो जाता है जिससे अनिद्रा की समस्या उत्पन्न होती है। मानसिक तनाव में भी अक्सर व्यक्ति की रात करवटें लेने में ही निकल जाती है। 



पित्त की विकृति से उत्पन्न अनिद्रा में सोने के बाद व्यक्ति बार बार उठ जाता है , घबराहट , डर , धड़कन का बढ़ना ,पसीना आना , ये सब लक्षण नींद के न आने या  महसूस किये जाते है। 
वास्तव में अनिद्रा का रोग तीनो दोषों में विकृति के कारण होता।  आयुर्वेद के अनुसार कफ , पित्त और प्राण वात में वृद्धि या असंतुलन उत्पन्न्न होने से अनिद्रा रोग व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेती है , प्रणवात के कुपित  होने से मस्तिष्क की तंत्रिकाएं अतिसंवेदनशील हो जाती है , जिसकी वजह से अनिद्रा का रोग किसी  भी कारण से उत्पन्न हो जाता है। 

अनिद्रा में कारगर कुछ घरेलु उपचार



1. सोने से  नारियल तेल या सरसों तेल से पैरों और पिंडलियों में मालिश करना अत्यंत फायदेमंद होता है। 
2. एक चम्मच ब्राह्मी और अश्वगंधा का पाउडर 2 कप पानी में डाल के आधा रहने तक उबालें , रोज सुबह इसका सेवन करना लाभदायक होता है। 
3. कटे हुए केले पर पीसा हुआ जीरा डालकर रात को सोने से पहले  सेवन करना भी अच्छी नींद लेन में सहायक होता है। 


4. ताजे फलों और सब्जियों का सेवन , छिलकासहित पीसे हुए अन्न , छिलका सहित दालें , दूध और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करना भी अनिद्रा की समस्या में लाभकारी होता है। 
5. कंप्यूटर , मोबाइल और टीवी का प्रयोग सोने से 2 घंटे पूर्व न करें। 

6. एक गिलास हरी इलाइची वाले गरम दूध का सेवन सोने से पहले अच्छी नींद लेने में बहुत सहायक होता है। 
7. एक चम्मच मुलेठी का पाउडर एक गिलास दूध के साथ प्रातः काल सेवन करंना चाहिए , ये नुस्खा भी अत्यंत कारगर होता है अनिद्रा की समस्या में। 



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नोट-इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


धन्यवाद। 

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